Sunday, December 28, 2008

दोस्तों
आशा है आप आप सब सकुशल होंगे नया वर्ष आने की दस्तक दे रहा है पुराना जाने को तैयार बैठा है समय का चक्र अपनी गति से चलता जा रहा है
भारत की गिनती अभी एक जिम्मेदार लोक तंत्र की हो गई है पर इस देश के नेता आज तक अपनी
जिम्मेवारी को नही समाज पाए जो की एक शर्म की बात है
साथियों हमारा कहने का मतलब किशी की भावनावो को ठेस पहुचना नही है पर हम कब सोचेगे
आज हम चाद पर पहुच गए है पर हमारी सोच आज भी पैरो के निचे है आख़िर क्यो ?
हम अपनी सोच को क्यो नही विकशित कर पा रहे है
AAIEYE हम एक हो , मानवता एक हो , धर्मं एक हो ,विचार एक हो, भावना एक हो , जब सब एक होगा TO ये DUNIYA ख़ुद BA ख़ुद एक हो JAYEGI

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