दोस्तों
आशा है आप आप सब सकुशल होंगे नया वर्ष आने की दस्तक दे रहा है पुराना जाने को तैयार बैठा है समय का चक्र अपनी गति से चलता जा रहा है
भारत की गिनती अभी एक जिम्मेदार लोक तंत्र की हो गई है पर इस देश के नेता आज तक अपनी
जिम्मेवारी को नही समाज पाए जो की एक शर्म की बात है
साथियों हमारा कहने का मतलब किशी की भावनावो को ठेस पहुचना नही है पर हम कब सोचेगे
आज हम चाद पर पहुच गए है पर हमारी सोच आज भी पैरो के निचे है आख़िर क्यो ?
हम अपनी सोच को क्यो नही विकशित कर पा रहे है
AAIEYE हम एक हो , मानवता एक हो , धर्मं एक हो ,विचार एक हो, भावना एक हो , जब सब एक होगा TO ये DUNIYA ख़ुद BA ख़ुद एक हो JAYEGI
Sunday, December 28, 2008
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